पोखरी (चमोली):
पोखरी (चमोली): चंद्रेश्वर धाम भागवत कथा पोखरी चमोली के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।
वहीं व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य अखिलेश कुकरेती ने भक्तों को कथा का रसपान कराया।
साथ ही उन्होंने धर्म और भक्ति का महत्व सरल शब्दों में समझाया।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को धर्म और सत्कर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।
इसके अलावा भगवान का सच्चे मन से स्मरण करने से जीवन के दुख दूर होते हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि सत्कर्म करने वाले व्यक्ति के जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे कर्म जरूर अपनाने चाहिए। चंद्रेश्वर धाम भागवत कथा पोखरी चमोली में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती दिखी।
वहीं आचार्य कुकरेती ने कहा कि यह कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है।
बल्कि यह कथा मनुष्य को सही जीवन जीने की दिशा दिखाती है।
साथ ही यह समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का कार्य भी करती है।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को सदाचार, सेवा और भक्ति को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
इसके साथ ही समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश फैलाना भी जरूरी है।
वहीं मां दक्षिण कालिका की डोली में प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
डोली के माध्यम से माता भक्तों को प्रतिदिन दर्शन देती हैं। श्रद्धालुओं की आस्था और अधिक मजबूत हो रही है।
प्रतिदिन शाम करीब 5 बजे डोली का नृत्य आयोजित किया जाता है।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता के दर्शन करते हैं।
दक्षिण कालिका डोली के उपासक विकास राणा ने बताया कि मां अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखती हैं। मां भक्तों के दुखों को दूर कर उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर सत्येश्वरी रावत, संदीप गिरी महाराज, दिगंबर नेगी और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में कई श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
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